विजयादशमी क्यों मनाई जाती है ? दशहेरे का महत्व।

दशहरा क्यों मनाया जाता है ?

नमस्कार दोस्तों आपका फिर से एक बार स्वागत है allhindiway की पोस्ट में। दोस्तों आज हम बात करने वाले है दशहरा।  जी हाँ दोस्तों जैसा की आप सब ने सुना ही होगा विजयादशमी सुना क्या हम लोग मनाते भी है बड़े धूम धाम से तो क्यों न हम यह भी जान ले की विजयादशमी क्यों मनाई जाती है ? यानि की अपनी भाषा में बोले तो दशहरा क्यों मनाया जाता है ?

आज आपको इस लेख में बहुत कुछ नया सुनने को मिलेगा  जैसे की दशहरा कैसे मनाया जाता है ? और विजयादशमी  किस स्थानों पर या बात करे की किस राज्य में कैसे मनाई जाती है और भी बहुत से सवालो के जवाब आपको आज यहां हिंदी में मिलेंगे। तो चलिए बिना देरी किये चालू करते है।  तो सबसे पहले हम जानेगे की विजयादशमी क्या है ? 

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विजयादशमी किसे कहते है ?

तो दोस्तों यह तो आप जानते ही होंगे की दशहरे के इस पर्व को विजयादशमी भी कहा जाता है इस पर्व को भगवती के ‘विजया’ नाम पर भी ‘विजयादशमी’ कहते हैं। क्यों की भगवान राम इस दिन रावण का वध करके लोटे थे तो राम भगवान ने विजय पायी थी.

इसलिए भी इस पर्व को ‘विजयादशमी’ कहा जाता है। वैसे भी आप इतना तो समझ ही रहे होंगे की विजयादशमी का मतलब किसी पर भी अपनी जीत करना या बोल लो विजय पाना है।  तो अब आगे बात आती है की दशहरा क्यों मनाया जाता है ?   इसके बारे में भी आपको विस्तार से बताएंगे तो बने रहिये हमारे साथ।

दशहरा क्यों मनाया जाता है ?

दोस्तों दशहरा के दिन के पीछे बहुत सी कहानियाँ हैं, जिसमे सबसे प्रचलित कथा है श्री राम भगवान का रावण से युद्ध जितना और रावण की  बुराई का विनाश कर रावण के घमंड को तोडना।

दोस्तों आप यह तो जानते होंगे श्री राम अयोध्या नगरी के राजकुमार थे और उनकी पत्नी का नाम सीता था।  श्री राम के साथ उनको एक छोटा भाई भी था जिनका नाम लक्ष्मण था श्री राम जी के पिता का नाम राजा दशरथ था।.

राजा दशरथ की पत्नी  कैकई के कारण इन राम ,लक्ष्मण, और सीता तीनो को 14 वर्ष के वनवास के लिए अयोध्या नगरी छोड़ कर जाना पड़ा  था तो उसके बाद सीता का रावण ने  अपहरण कर लिया था।

रामायण के अनुसार रावण लंका का राजा था  और रावण को महाबलशाली राजा भी कहा जाता था और रावण की सोने की लंका भी थी रावण के 10 थे जिस रावण को अपने आप पर बहोत घमंड था।  वैसे तो रावण महान शिव भक्त था और खुद को भगवान विष्णु का दुश्मन बताता था.

आपको बता दे रावण में एक ब्राह्मण के समान ज्ञान था एवम एक राक्षस के समान शक्ति और इन्ही दो बातों का रावण में  बहुत ज्यादा अहंकार था. इस रावण के अहंकार को ख़तम करने के लिए श्री राम ने जन्म लिया था।

श्री राम ने अपनी सीता को लंका से वापस लाने के लिए रावण से युद्ध लड़ा।  जिसमे रावण के छोटे भाई विभीषण ने भी भगवान राम का साथ दिया और राम जी के साथ वानर सेना और हनुमान जी ने भी श्री राम का पूरा साथ दिया था।

और अन्त में भगवान राम ने रावण को ख़तम करके युद्ध  जीता और रावण का घमंड टूट गया।  इस विजय के प्रतिरूप में हर साल दशहरा मनाया जाता है

विजयादशमी क्यों मनाई जाती है ?

एक दूसरी कथा के अनुसार असुरों के राजा महिषासुर ने अपनी शक्ति के बल पर देवताओं को पराजित कर इन्द्रलोक सहित पृथ्वी पर अपना अधिकार कर लिया था। भगवान ब्रह्रा के दिए वरदान के कारण किसी भी कोई भी देवता उसका वध नहीं कर सकते थे।

ऐसे में त्रिदेवों सहित सभी देवताओं ने अपनी शक्तियों से देवी दुर्गा की उत्पत्ति की। इसके बाद देवी ने महिषासुर के आंतक से सभी को मुक्त करवाया। मां की इस विजय को ही विजय दशमी के रूप में मनाया जाता है।

विजयादशमी या दशहरा कब मनाया जाता है ?

अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है।  हाँ यह तो है की दशहरा अक्टूबर के महीने में ही मनाया जाता है परन्तु इसकी कोई तारिक फिक्स नहीं होती  यह शारदीय नवरात्रों के 10वें दिन जो भी तारिक होती है उस टाइम मनाया जाता है जैसे की –

  • 2018 में दशहरा कब मनाया गया – शुक्रवार 19 अक्टूबर 
  • 2019  में दशहरा कब मनाया गया – मंगलवार 8 अक्टूबर 
  • 2020 में दशहरा कब मनाया जाएगा – इतवार 25 अक्टूबर 

दशहरा कैसे मनाया जाता है ?

आज के टाइम में दशहरा इन पौराणिक कथाओं को माध्यम मानकर मनाया जाता हैं. माता के नौ दिन की खत्म होने के बाद 10 वे दिन जश्न के तौर पर मनाया जाता हैं. जिसमे बहुत सी जगहों पर राम लीला का आयोजन होता है, जिसमे कलाकार रामायण के पात्र बनते हैं और राम-रावण के इस युद्ध को नाटक के रूप में करते है।

बहुत सी जगहों पर इस दिन मैला लगता है, जिसमे कई दुकाने एवम खाने पीने के वयंजन होते हैं।  इस दिन घरों में लोग अपने वाहनों को साफ़ करके उनकी पूजन करते हैं. व्यापारी अपने लेखा की पूजा करते हैं. किसान अपने जानवरों एवम फसलो की पूजा करते हैं. इंजिनियर अपने औजारों एवम अपनी मशीनों की पूजा करते है।

दशहरा  वाले दिन घर के सभी बड़े और बच्चे दशहरे मैदान पर जाते हैं जहां पर रावण के पुतले को बना कर जलाया जाता है ,  सभी शहर वालो के साथ इस पौराणिक जीत का जश्न मनाते हैं. मैले का  पूरा आनंद उठाते हैं. उसके बाद शमी पत्र जिसे सोना चांदी कहा जाता हैं उसे अपने घर लाते हैं.

घर में आने के बाद द्वार पर घर की स्त्रियाँ, तिलक लगाकर आरती उतारकर  उनका स्वागत करती हैं. माना जाता हैं कि मनुष्य अपनी बुराई का दहन करके घर लौटा है, इसलिए उसका स्वागत किया जाता हैं इस तरह से हमारे भारत में दशहरा   मनाया जाता है।

अब हम बात करंगे की दशहरा किस राज्य में कैसे मनाया जाता है।

बंगाल, ओडिसा और असम में दशहरा  कैसे मनाया जाता है ?

यहां यह पर्व दुर्गा पूजा के रूप में दशहरा  मनाया जाता है। पुरे बंगाल में 5 दिनों के लिए दशहरा  मनाया जाता है। ओडिसा व असम में इसे 4  दिन तक दशहरा  मनाया जाता है। यहां देवी दुर्गा की मूर्ति तैयार करवाई जाती है षष्ठी के दिन दुर्गा जी का पूजन एवं प्राण प्रतिष्ठा आदि का आयोजन किया जाता है।
इसके बाद सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी के दिन प्रातः और सायंकाल दुर्गा की पूजा होती है। दशमी के दिन विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। स्त्रियां देवी के माथे पर सिंदूर चढ़ाती हैं, और एक दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। एक प्रकार से सिंदूर की होली खेली जाती है, इसके बाद देवी की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेजाते है।

पंजाब में दशहरा कैसे मनाया जाता है ?

पंजाब में दशहरा नवरात्रि के नौ दिन का व्रत रखकर मनाते हैं। इस दौरान यहां आगंतुकों का स्वागत पारंपरिक मिठाई और उपहारों से किया जाता है। यहां भी रावण-दहन के आयोजन किया जाता  हैं, व मैदानों में मेले लगाए जाते हैं। और लोग बांगरा भी करते है।

तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश एवं कर्नाटक  में दशहरा  कैसे मनाया जाता है ?

दशहरा नौ दिनों तक चलता है जिसमें तीन देवियां लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा की पूजा करते हैं। पहले तीन दिन लक्ष्मी – धन और समृद्धि की देवी का पूजन होता है। अगले तीन दिन सरस्वती- कला और विद्या की देवी की अर्चना की जाती है और अंतिम दिन देवी दुर्गा-शक्ति की देवी की स्तुति की जाती है। पूजन स्थल को अच्छी तरह फूलों और दीपकों से सजाया जाता है।

लोग एक दूसरे को मिठाइयां व कपड़े देते हैं। यहां दशहरा बच्चों के लिए शिक्षा या कला संबंधी नया कार्य सीखने के लिए शुभ समय होता है। कर्नाटक में मैसूर का दशहरा भी पूरे भारत में प्रसिद्ध है।

मैसूर में दशहरे के समय पूरे शहर की गलियों को रोशनी से सज्जित किया जाता है और हाथियों का शृंगार कर पूरे शहर में एक भव्य जुलूस निकाला जाता है। इस तरह से अलग अलग जगह पर अलग अलग तरीके से मनाया जाता है।

गुजरात में दशहरा  कैसे मनाया जाता है ?

अगर आप नाचने-गाने और मस्ती करने के शौकीन हैं, तो आपको गुजरात में दशहरे के दौरान बहुत मजा आएगा। यहां नवरात्रि में गरबा और डांडिया का एक अलग ही क्रेज होता है, साथ ही यहां मंदिरों में भी सजावट होने के साथ कई विशेष आयोजन होते हैं।  इस तरह से अलग अलग जगह पर अलग अलग तरीके से दशहरा मनाया जाता है।

गंगा दशहरा  क्या है ?

दोस्तों आपको बता दे की गंगा दशहरा पर्व  धार्मिक आस्था के अनुसार, यह हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार यह त्योहार हर साल ज्येष्ठ महीने की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन मनाया जाता है। मां गंगा को समर्पित इस पर्व में गंगा नदी में स्नान किया जाता है और दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं।

गंगा दशहरा क्यों मनाया जाता है ?

स्कन्द पुराण में गंगा दशहरा का वर्णन कुछ इस प्रकार से मिलता है। पुराण में लिखा है कि ज्येष्ठ शुक्ल की दशमी तिथि संवत्सरमुखी मानी गई है। इसलिए इस दिन किया गया स्नान और दान श्रेष्ठ होता है। इसी कारण ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि के दिन गंगा दशहरा मनाया जाता है।

जेठ का दशहरा क्या है ?

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष के दसवें दिन गंगा दशहरा का पर्व होता है इसके बाद निर्जला एकादशी का व्रत आता है. मान्यता है कि राजा भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा इस दिन पृथ्वी पर उतरीं थी. ज्येष्ठ मास में शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है. यह एक महत्पूर्ण एकादशी है.

 जेठ का दशहरा कब होता  है ?  – गंगा दशहरा का पर्व हर साल जेष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है

जानिए – हिं दी दिवस क्यों मनाया जाता है 

विजयादशमी का महत्व क्या है ?

प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला विजयादशमी का पर्व महज राम-रावण का युद्ध ही नहीं माना जाना चाहिए। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस पर्व में छिपे हुए संदेश समाज को दिशा दे सकते हैं। स्वयं महापंडित दशानन इस बात को भलिभांति जानता था कि उसके जीवन का उद्धार राम के हाथों ही होना है

दूसरी ओर मर्यादा पुरूषोत्तम राम ने भी रावण की विद्वता को नमन किया है शहरे का उत्सव शक्ति और शक्ति का समन्वय बताने वाला उत्सव है  आज के वक्त में यह बुराई पर अच्छाई की जीत का ही प्रतीक हैं.

बुराई किसी भी रूप में हो सकती हैं जैसे क्रोध, असत्य, बैर,इर्षा, दुःख, आलस्य आदि. किसी भी आतंरिक बुराई को ख़त्म करना भी एक आत्म विजय हैं और हमें प्रति वर्ष अपने में से इस तरह की बुराई को खत्म कर विजय दशमी के दिन इसका जश्न मनाना चाहिये।

 

दशहरा से जुड़ी कथाएं कोनसी है ?

  1. पांडवों का वनवास
  2. राम की रावन पर विजय का पर्व
  3. देवी सती अग्नि में समां गई थी.
  4. राक्षस महिसासुर का वध कर दुर्गा माता विजयी हुई थी

 

दशहरा के लिए खूबसूरत बधाई संदेश –

1 . जीवन आपका सुनहरा हो जाये,
आपके घर में हमेशा रहे सुख का पहरा,
यह दशहरा शांति लाये अपार,
राम की जय खुशी की आयी बहार

 

2 . इस दशहरे हर मनुष्य बस एक नेक काम करे
अंदर पनप रही सभी बुराई का सर्वनाश करे ।
इसी कामना के साथ आपको दशहरे के विजय पावन शुभकामनाएं।

 

3 . दहन पुतलो का ही नहीं,
बुरे विचारो का भी करना होगा।
श्री राम का करके स्मरण,
हर रावण से लड़ना होगा।”

 

4 . बुराई का हो  विनाश

दशहरा लाये हर बार उम्मीद की आस
रावण की तरह आपके दुखों का होगा नाश
विजयदशमी की शुभकामनाएं

5 . दशहरा का ये प्यारा त्यौहार, जीवन में लायें खुशिया, सुख शांति अपार,
श्री राम जी करे आपके घर सुख की बरसात
शुभ कामना हमारी करें स्वीकार ……..!!”

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अंत में ,

उम्मीद करता आपको मेरा यह लेख विजयादशमी क्यों मनाई जाती है ? आपको अच्छा लगा होगा विजयादशमी क्या है ? आप यह भी जान गए होंगे अगर आपको इस लेख में कही कुछ प्रॉब्लम आये तो मुझे कमेंट करके जरूर बातये।

और इस लेख को अपने दोस्तों रिस्तेदारो के साथ भी जरूर शेयर करे ताकि वो भी जान सके की दशहरा क्यों मनाया जाता है ? धन्येवाद, जय हिन्द,जय भारत